मैं मस्त मलंग मतवाला, तू भी तो है मतवाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
मस्त मलंग मतवाला, तू भी तो है मतवाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
तेरि क्रेज्जि बात्तें सुण सुण कै, मैं रह गया हक्का बक्का
मेरे दिल में चोट लगी कैसी, जो तूने मारा ऐसा धक्का
भूख प्यास सब खोई मेरी, खा पाऊं न एक निवाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
तेरी बात्तें जग से निराली, तेरि अपणी चाब्बि ताली
कोई कैसे समझै तुझको, हुई संग संग होलि दिवाली
अब चुप चुप बैठ न ऐसे, दे जा इक चाय की एक पियाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
अपणी ही बात के रस में, चुगली की मिला के चाशनी
तेरि दुनियाँ भर की बातें, रह जाए न कोई सवाली
गहन समंदर मे तू खोजै, कोई छोट्टि छोटी नाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
मैं मस्त मलंग मतवाला, तू भी तो है मतवाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली
मस्त मलंग मतवाला, तू भी तो है मतवाली
करे वार तेरी बातों से, कोई वार न जाए खाली