डौक्टर पूरन तुम, लाजबाब हो
प्रेरणा सभी की, सब का ख्वाब हो
छोटे गाँव से निकल, हुए सफल
डौक्टरी में भी तुम, रहे अव्वल
बच्चों को,पढ़ा लिखा, बनाया यूँ सबल
देश में, विदेश में, दोनों हैं सफल
दोस्तों के दोस्त बन, करा है टोस्ट
बंचितों के काज को, दिया है मोस्ट
प्रेम है, लगाव है, जड़ों से, ऐसा जो
घर बना वहीं, दी है राय, समाज को
डौक्टर पूरन तुम, लाजबाब हो
डौक्टर पूरन तुम, लाजबाब हो