क़िस्मतें हैं यहाँ, सबकी अपनी अपनी
रास्ते हैं चाहतें भी हैं, सबकी अपनी
कोई रोता है, कोई हँस देता है
कोई रोता है, कोई हँस देता है
कोई बस, भरोसे में रहता है
इक न इक दिन मुस्कुराती हैं
इक न इक दिन मुस्कुराती हैं
चाहतें यहाँ सबकी अपनी
क़िस्मतें हैं यहाँ, सबकी अपनी अपनी
रास्ते हैं चाहतें भी हैं, सबकी अपनी
जो कहते हैं, कि क़िस्मत के मारे हैं
जो कहते हैं, कि क़िस्मत के मारे हैं
वो भी मगर, क़िस्मत के सहारे हैं
क़िस्मत धोखा नहीं, इक भरोसा है
क़िस्मत धोखा नहीं, इक भरोसा है
पाने का सभी का, मंज़िल अपनी
क़िस्मतें हैं यहाँ, सबकी अपनी अपनी
रास्ते हैं चाहतें भी हैं, सबकी अपनी
क़िस्मतें हैं यहाँ, सबकी अपनी अपनी
रास्ते हैं चाहतें भी हैं, सबकी अपनी