(धुन में धीरे-धीरे शुरुआत)
श्याम तुम्हारे बिना अधूरी राधा,
प्रीत की सबसे प्यारी गाथा।
नंदलाल की बंसी बोले,
राधे नाम पुकारे, हर दिशा में प्रेम ही डोले।।
(ताल पर चले — मृदंग/ढोलक शुरू)
राधे-श्याम की जोड़ी प्यारी,
सबसे न्यारी, सबसे न्यारी।
वृंदावन की गलियों में,
रास रचैया बनवारी।।
मोहन की मुरली की तान,
जग में करे मन को दीवाना।
राधा का नाम लिया जिसने,
पाया जीवन में भगवाना।।
श्याम तुम्हारे बिना अधूरी राधा,
प्रीत की सबसे प्यारी गाथा।।
(अब भजन को थोड़ा उठाएँ – ऊर्जा बढ़ाएँ)
तेरे नाम में ही जीवन है,
तेरे रंग में ही रंग है।
मन को तू भाए वृंदावन,
जहाँ राधा रानी संग है।।
राधा के संग जो भाव मिले,
वो भाग्यशाली प्राणी,
श्याम बिना सब सूना है,
राधे ही तो जानी।।
(अंत में शांत भाव में वापसी)
श्याम तुम्हारे बिना अधूरी राधा,
प्रीत की सबसे प्यारी गाथा।
जय राधे-श्याम, जय राधे-श्याम,
हर दिल में बसो राधे-श्याम।।