हिमालय की गोद में, गूंजे तुम्हारा नाद,
ज्वाला भभक उठी, प्रलय का आलम साज़,
त्रिशूल हाथ में, नृत्य तांडव का,
शिव शंकर स्वामी, विश्व का आधार
जय जय शिव शंभू, अग्नि का राजा,
नाश कर दो पाप को, सत्य का साजा,
ज्वाला में तेरा रूप, अमर और प्रचंड,
शिव की ज्वाला, संसार का बंद
कपाल पर चंद्र, सर्प लिपटा कंठ,
तीन नेत्रों से, बिखरे अमृत पंथ,
अशेष भक्तों की, करो रक्षा हमेशा,
शिव तांडव में, जीवन का संदेश
जय जय शिव शंभू, अग्नि का राजा,
नाश कर दो पाप को, सत्य का साजा,
ज्वाला में तेरा रूप, अमर और प्रचंड,
शिव की ज्वाला, संसार का बंद!