बेरंग से सारे पन्ने थे, तूने रंगो से भर दिए,
मैंने भी अपने सारे गम, नाम तेरे कर दिए।
तेरी खुशी मेरी खुशी, मेरा यही फ़साना है,
तू चल में तेरे पीछे हूं, सफ़र हमे सजाना है।
बितानी है हर रात, तेरी हसीन बाहों में,
गुजारनी है ज़िंदगी, अब तेरी पनाहों में।
देखे थे ख़्वाब हमने जो, चांदनी की छांव में,
सजाना है उन्हें भी तो, ज़िंदगी की नांव में।
जितनी हर जंग है, न किसी से डरना है,
चुनौतियां स्वीकार कर, हाथ थामे चलना है।
मेरी कलम तुम चलो, शब्द को श्रृंगार दो,
लिखो गीत ऐसा की, ज़िंदगी संवार दो।