तू ही मेरी है आरज़ू
तुमसे ही मेरा सुकून
जो तू नहीं संग राह में
थम जाता है मेरा जुनून
तुम्हे ही मांगती है
हर पल मेरी सदा,
आ देख ज़रा तू हाल मेरा
नहीं लगता कहीं दिल तेरे बिना।
तू ही मेरी सुबह है
तू ही मेरी शाम है
तेरे बिना एक पल भी
जैसे सो साल है
तुझे ही ढूंढ़ती है
हर पल मेरी निगाह,
आ देख ज़रा तू हाल मेरा
नहीं लगता कहीं दिल तेरे बिना।
तू खुश रहे सदा
मांगू में यही दुआ
न छोङू तेरा साथ कभी
बनूं साया में तेरा
तुझे ही मांगता है
हर पल मेरा खुदा,
आ देख ज़रा तू हाल मेरा
नहीं लगता कहीं दिल तेरे बिना।