रखा था संभालकर, राज़ दिल ने,
तूने हंगामा, सरेआम कर दिया।
नशा आज़माकर, छोड़ चूका था में,
हुस्न ने तेरे, मदहोश कर दिया।
तेरे वादे, तेरी बाते, तेरे अंदाज़ में,
इतना खोया कि, नाकाम कर दिया।
आयना भी नहीं पहचानता, अब मुझे,
तस्वीर ने भी तेरी, पराया कर दिया।
दिल तो ले ही गया था अपने साथ तू,
ले सांसों को भी आज़ाद कर दिया।