नात-ए-पाक
ऐ नूर-ए-खुदा, मुहम्मद नबीना,
दिलों की धड़कन, मुहम्मद नबीना।
आपकी शान में क्या कहें हम,
सारी कायनात है आपकी सना, मुहम्मद नबीना।
जब सृष्टि थी अधूरी, अंधेरा था गहरा,
आप आए तो नूर का सवेरा हुआ बिखरा।
हर दिल में बस गए, ऐ रसूल-ए-अमीना,
हर सांस गाए आपकी सदा, मुहम्मद नबीना।
आपकी रहमत से है जन्नत की राह,
आपके दम से है इमान का जाह।
सच्चाई, मोहब्बत, आपने सिखाया,
दुनिया को इंसानियत का पाठ पढ़ाया, मुहम्मद नबीना।
आपके कदमों में जन्नत का आलम,
आपकी बातों में हिकमत का मरहम।
हर मुश्किल में आप ही हैं सहारा,
हर गम में आप ही हैं हमारा, मुहम्मद नबीना।
तौहीद का पैगाम आपने दिया,
खुदा का नूर दुनिया को दिखाया।
आपके चेहर-ए-अनवर की रौशनी,
हर दिल को करती है रौशन, मुहम्मद नबीना।
या रसूलल्लाह, आप हैं रहनुमा,
आपके बगैर अधूरी है दुनिया।
हर लम्हा, हर सांस में बस आप ही,
आपके नाम से जीएं हम सदा, मुहम्मद नबीना।
ऐ मेरे आका, ऐ मेरे मालिक,
आपकी तारीफ में हर शब्द नालायक।
बस इतना कहें, दिल से दिल तक,
आप हैं रौशनी, आप हैं हक, मुहम्मद नबीना।
हर नफ्स गाए आपकी शान में,
जन्नत मिले बस आपके नाम से।
दिलों की धड़कन, रूहों का सुकून,
आप ही हैं हर दिल का जुनून, मुहम्मद नबीना।