[🎶 ZONA-READY HINDI SONG SHEET 🎼
Title: सूरज और ठंडी हवा
Occasion: 50th Wedding Anniversary – Rani & Viswam
Raag: Maand (Hindustani · Celebrative · Graceful)
Tempo: Medium (≈ 78 BPM)
Mood: Warm · Reflective · Joyful
Voice: Male Solo
Ending: Female Alaap only at the end]
[🎵 PALLAVI (Repeat Twice)]
पचास बरस की इस यात्रा में,
हँसी भी थी, कुछ आँसू भी।
सूरज बनकर एक चमकता रहा,
ठंडी हवा सी एक साथ रही।
(Repeat Pallavi)
पचास बरस की इस यात्रा में,
हँसी भी थी, कुछ आँसू भी।
सूरज बनकर एक चमकता रहा,
ठंडी हवा सी एक साथ रही।
[🎵 SARANAM 1]
रानी — दक्षिण की ठंडी हवा,
मौन में भी जो अर्थ कहे।
चूल्हे से निकला प्रेम हर दिन,
बिन बोले ही सब कुछ सहे।
हर मौसम में, हर मोड़ पर,
साथ निभाया — सहज, सधे।
[🎵 SARANAM 2]
विश्वम — सूरज की तेज किरण,
सुर, भाषा, ज्ञान का मान।
जब बोले, सभा थम जाए,
हर श्रोता बने शिष्य महान।
मंच पर शब्दों का उजास,
हर मन में जगे सम्मान।
[🎵 SARANAM 3]
जीवन ने दिए उतार-चढ़ाव,
राहें कभी सरल, कभी कठिन।
सूरज ने सीखा धैर्य वहीं,
हवा ने छोड़ा नहीं कभी मन।
हर अनुभव ने गढ़ा उन्हें,
बुद्धि प्रखर, आत्मा पावन।
[🎵 SARANAM 4]
आज पढ़ा फिर प्रेम-पत्र,
पहला नहीं, अंतिम नहीं।
जीवन का सार था शब्दों में,
पहली चिट्ठी से भी गहरी सही।
सूरज ने शब्द रचे उसमें,
हवा उन्हें दूर तक ले चली।
[🎵 PALLAVI (Reprise · Repeat Once)]
पचास बरस नहीं, यह व्रत है,
साथ चलने, साथ सहने का।
सूरज और ठंडी हवा —
प्रेम को जीवन में ढालने का।
[🎶 FEMALE ALAAP (END ONLY · Wordless · Fade Out)]
Aa… aa…
Sa… ni… dha… pa…
Ma… pa… ma… re… sa…
Aa… sa…
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[Title:-सूरज और ठंडी हवा
Occasion: 50th Wedding Anniversary – Rani & Viswam]
[A CREAM PRODUCTION BY SUBUASKSUBU]