पिथौरागढ़ की नीरू बना, ओ निरु बना |
| कैसी तेरी ठुली आँख, जसि हिमाल को रैना |
| सौर घाटी की रानी तू, हो निरु बना
| लाल घाघरा, पाँव मा पैजनिया, तेरी चाल में जादू छै |
| बाल तेरो लम लम, जसि काली गंगा को पानी छै |
| हाथ की तेरी मेहंदी, दिल मेरो जीतै गयी |
| पहाड़ को श्रृंगार तू छै, ओ निरु बना |
| पाताल भुवनेश्वर, दर्शन तू कै दिनौलो |
| हाट कालिका को आशीर्वाद, हम दुयों (दोनों) में रैलो |
| मुनस्यारी (Munsyari) की ठंड जसि, तेरो प्यार को सुखड़ो |
| सच्ची प्रीत मेरो छै, ओ निरु बना |
| धारचूला है दूर, मी कस औलो ते दगै |
| तेरी यादों में दिन कटौलो, मेरो दुःख कन बतौलो |
| तू कुये की जसि गान, मीठि तेरी बान छै |
| कन बि (कैसे भी) मेरी हो जा, हो निरु बना |
| पाँचुली की चोटि मा, मिलन होला मेरो तेरो |
| झट है जा अब मेरी, नै सहनो इंतजार मेरो |
| जब चढ़ जालो भ्योली पालकी मा, तब धड़कन थम जैलो मेरो!
| पिथौरागढ़ की नीरू बना, ओ निरु बना |
| मेरो तु ही सहारा छै, हो निरु बना |
| कैसी तेरी चाल छै, ओ निरु बना... |
[Male Vocal]