(पद्य 1)
वीरों की भूमि, जहां शेर दिल बहते हैं
हिमालय से दक्षिण तक, हमारे दिलों में आग भड़के
हमारी एकता अजेय है, हमारी शक्ति अपार
हम दुश्मनों को हराएंगे, और भारत को बनाएंगे स्वर्ग सा प्यारा
(कोरस)
भारत की जय, जय, जय (भारत की विजय, विजय, विजय)
हम दुश्मनों को हराएंगे, और भारत को बचाएंगे
हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए, हम अपनी जान देंगे
भारत की जय, जय, जय, हमारे राष्ट्र की विजय
(पद्य 2)
हमारी सेना मजबूत है, हमारी एकता अटूट
हम दुश्मनों को कुचल देंगे, और भारत को आगे बढ़ाएंगे
हमारी संस्कृति महान है, हमारी विरासत अमिट
हम भारत को दुनिया में सबसे आगे बनाएंगे, और दुश्मनों को हराएंगे
(कोरस)
भारत की जय, जय, जय (भारत की विजय, विजय, विजय)
हम दुश्मनों को हराएंगे, और भारत को बचाएंगे
हमारी मातृभूमि की रक्षा के लिए, हम अपनी जान देंगे
भारत की जय, जय, जय, हमारे राष्ट्र की विजय
(ब्रिज)
हम एकजुट हैं, हम एक हैं
हमारी मातृभूमि के लिए, हम सब कुछ देंगे
हम दुश्मनों को हराएंगे, और भारत को विजयी बनाएंगे
भारत की जय, जय, जय, हमारे राष्ट्र की जय