हिंद देश के निवासी
हिंद देश के निवासी, सभी जन एक हैं।
रंग-रूप, वेश - भाषा चाहे अनेक हैं ।।
बेला, गुलाब, जूही, चंपा, चमेली ।
प्यारे - प्यारे फूल गूँथे, माला में एक हैं।
कोयल की कूक न्यारी, पपीहे की टेर प्यारी।
गा रही तराना बुलबुल, राग मगर एक है।।
गंगा, जमुना, ब्रह्मपुत्र, कृष्णा, कावेरी ।
जाकर मिल गयीं सागर में, हुई सब एक हैं।