[Verse 1]
वो वादे सारे, जो अधूरे रह गए,
क्यूँ आज भी वो, मेरा दर खोलते हैं?
मैं चल दिया था आगे, यह सोच कर,
कि अब पुराने ज़ख्म नहीं बोलेंगे।
पर जब तुम्हारी ख़बर आई फिर से,
तो लगता है वक़्त अभी भी थम सा गया है।
[Pre-Chorus]
क्या तुम्हें भी वो बातें याद आती हैं?
जो सिर्फ़ हम दो ही जानते थे, वो रातें?
[Chorus]
एक आख़िरी मुलाक़ात, बस एक बार,
जिसमें न हो कोई शिकायत, न कोई तकरार।
जो दिल में बाक़ी है, वो कहना है आख़िरी,
उसके बाद हम कभी न मिलेंगे, यह फ़ना।
बस एक बार आओ, यह गुज़ारिश है मेरी।
[Verse 2]
मैंने कितनी कोशिशें की, तुम्हें भुलाऊँ,
पर हर रास्ते पे तुम्हारी परछाई मिलती है।
यह शहर भी अब मेरा दोस्त नहीं रहा,
क्यूँकि हर गली में तुम्हारी निशानी मिलती है।
कहाँ हो तुम, क्या तुम ख़ुश हो सच में?
या सिर्फ़ दुनिया को दिखाने की कहानी बुनती हो?
लेकिन मैं ख़ुश हूँ, कि तुम मेरी मोहब्बत थी,
भले ही यह सफ़र मेरा अधूरा रहा।
[Outro]
अगर मुमकिन हो, तो वो वक़्त दे दो,
ताकि यह दिल आख़िरी बार शान्ति से सो जाए।