या तो तेरी चाहत में मैं दुनिया भुला दूँ जानम,
या तेरी यादों को सीने में दफनाकर चला जाऊं जानम।
तेरे बिना ये साँसें भी अब बोझ सी लगती हैं,
या तो तुझे मैं पा लूँ, या खुद को मिटा दूँ जानम।
हर मोड़ पे तेरा नाम लिखा है दिल ने,
हर शाम तुझसे मिलने की उम्मीद में ढलती है।
मेरी तन्हाई भी अब तुझसे सवाल करती है,
क्यों तू नहीं आया, जब रूह मेरी जलती है।
तेरी तस्वीर को रोज़ तकता हूँ रातों में,
तेरी आवाज़ की परछाईं है बातों में।
तू जो नहीं तो खुद से भी रिश्ता नहीं,
अब जीने की कोई वज़ह बाकी नहीं।
इश्क़ की राहों में जब तुम नहीं साथ,
तो हर जीत भी लगती है मुझे मात।
अब खुद से एक ही दुआ माँगता हूँ,
या तेरा हो जाऊँ... या तुझमें खो जाऊँ।
या तो तेरी चाहत में मैं दुनिया भुला दूँ जानम,
या तेरी यादों को सीने में दफनाकर चला जाऊं जानम।
तेरे बिना ये साँसें भी अब बोझ सी लगती हैं,
या तो तुझे मैं पा लूँ, या खुद को मिटा दूँ जानम।
या तो तेरी चाहत में मैं दुनिया भुला दूँ जानम,
या तेरी यादों को सीने में दफनाकर चला जाऊं जानम...