[Intro – deep whisper + temple echo]
ॐ… अलख… निरंजन…
आदेश… आदेश…
[Verse 1 – heavy deep male voice]
भस्म लगे तन, जगे अग्नि भीतर,
शिव का नाम बने मेरा शस्त्र अमर,
अंधियारी राह में जले एक प्रकाश,
मन के भीतर गूंजे रुद्र का स्वर खास।
[Chant]
अलख निरंजन… आदेश!
एक ही संदेश… आदेश!
[Verse 2 – slow powerful delivery]
डमरू बजे तो कांपे ये काल,
जपे जो शिव को मिटे हर जंजाल,
गोरख की राह पे बढ़ता मन आज,
भय सब जले जैसे अग्नि का राज।
[Hook – layered chant]
आदेश… आदेश…
महाकाल का वचन… आदेश…
अलख निरंजन… आदेश!
[Verse 3 – cinematic rise]
घट घट में ज्योति, भीतर ही धाम,
नाम नहीं केवल, श्वासों में राम,
भैरव सी शक्ति, शांत सा ध्यान,
शिव में मिले मन, टूटे अभिमान।
[Outro – whisper + echo fade]
ॐ शिव… अलख निरंजन…
आदेश… आदेश…