[Verse 1]
जब था छोटा, कंधे पे बोझ, परिवार ने धकेला दूर
प्यार नहीं, बस प्रेशर की गूँज, अधूरा रहा सुर।
काम, पढ़ाई, हर दिन की मार, सहता रहा मैं
पर चुप रहा, दिखाया न हार, जीता रहा ये गम।
कॉलेज का गेट, पर बचपन ग़ायब, जीया नहीं वो पल
ज़िंदगी चलती रही, हर पल साबित किया अपना कल।
[Chorus]
ये है मेरी कहानी, मेरी ज़ुबानी, सुनो दुनिया
हर चोट, हर धोखा, अब मेरी ताकत है ये दुनिया।
पीछे हूँ आज, पर आएगा मेरा भी दौर
जब बोलूँगा, ये सफ़र, मैंने किया है ग़ौर!
[Verse 2]
दोस्त नहीं, बस पैसों के साथी, प्यार फ़रेबी निकला
बिना बताए गया, छोड़ गया खाली हाथ अपना।
पढ़ाई अधूरी, घर को कैसे बताता? वो गुस्सा करते
सफ़ाई क्या दूँ, वो तो बात समझते ही नहीं थे।
घर छोड़ा, बाहर निकल, देखा ये दुनिया बड़ी है
जो करना है, करूँगा मैं, रास्ते की हर कड़ी है।
[Bridge]
सोचा था छोड़ दूँ सब, दूर कहीं निकल जाऊँ
पर याद आया, कोई है जिसके लिए जीना चाहूँ।
उसके भरोसे ये साँस, ये ज़िंदगी है बाक़ी
वरना कबका ग़ायब हो जाता, न होती कोई झाँकी।
[Outro]
रहना पड़ रहा है... जीना पड़ रहा है...
एक ज़िंदगी के लिए।