समझ गया 👍
आप चाहते हैं कि “आप सबका अपना” वाली लाइन स्पष्ट रूप से जुड़ी हो और टेक्स्ट क्लीन ही रहे। नीचे वही स्क्रिप्ट सिर्फ़ ज़रूरी शब्द जोड़कर, बिना एक्स्ट्रा हेडिंग/स्पेस के दे रहा हूँ:
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ये शोर नहीं, ये सच की आवाज़ है,
ये बेचने की बात नहीं, निभाने का वादा है।
नाम याद रखना, काम पहचान बनाता है,
जो कल की सोचे, वही आज समझदार कहलाता है।
जब बात हो सुरक्षा, भरोसे की कहानी,
LIC बोले लोग — और जुबान पे हो मनोज त्रिपाठी।
आज सब दौड़ में हैं, कोई रुक के नहीं सोचता,
कल क्या होगा, इस सवाल को कोई टोकता।
पर जो अपने परिवार की फ़िक्र रखे दिल में,
वो फैसले करता है सही, भीड़ से अलग मिलके।
बच्चों की पढ़ाई, माँ-बाप का सुकून,
बुढ़ापे में भी चाहिए इज़्ज़त और जुनून।
मैं डर नहीं दिखाता, मैं रास्ता दिखाता हूँ,
LIC के साथ मैं भविष्य सजाता हूँ।
नाम याद रखना, काम पहचान बनाता है,
जो कल की सोचे, वही आज समझदार कहलाता है।
जब बात हो सुरक्षा, भरोसे की कहानी,
LIC बोले लोग — और जुबान पे हो मनोज त्रिपाठी।
ना झूठे वादे, ना भारी शब्दों का खेल,
सीधी बात, साफ़ नीयत — यही मेरी सेल।
छोटी बचत हो या बड़ा अरमान,
हर प्लान में छुपा है सुरक्षित कल का ज्ञान।
गाँव की गली से शहर की रौशनी तक,
एक ही भरोसा चलता है हर जगह तक।
लोग पूछें कौन समझेगा हमारी बात,
नाम आए जो साथ निभाए हर हालात।
आज जो सही चुनता है, वही कल मुस्कुराता है,
समय सब सिखाता है, पर मौका कम ही आता है।
डर को छोड़, फैसले को अपनाओ,
LIC से अपने सपनों को मजबूत बनाओ।
नाम याद रखना, काम पहचान बनाता है,
जो कल की सोचे, वही आज समझदार कहलाता है।
जब बात हो सुरक्षा, भरोसे की कहानी,
LIC बोले लोग — और जुबान पे हो मनोज त्रिपाठी।
ये सिर्फ़ रैप नहीं,
ये एक ज़िम्मेदारी है।
आप सबका अपना
Senior Insurance Advisor of LIC
Manoj Kumar Tripathi