मोहब्बत है तुमसे मैं कैसे बताऊँ
आजा तू फिर से लग जा गले से
आज़माइश में टूटे हैं रिश्ते बहुत हैं
आज़माइश टूटे हैं मोहब्बत के धागे
आज़माइश का शौक तो तुझको बहुत था
पर मेरा रिश्ता तुझसे अलग था
मोहब्बत है तुमसे, मैं कितना बताऊँ
किसकी ख़बर से मैं तुझको सुनाऊँ
चाहते हैं तुमको, मैं कैसे बताऊँ
समुंदर को कैसे गिन के बताऊँ