मुखड़ा)
जय-जय बजरंगी, जय हनुमान,
तेरे नाम से रोशन मेरा जहान।
संकट हर लो, रखना मान,
जय-जय बजरंगी, जय हनुमान॥
(अंतरा 1)
तेरी भक्ति में मन मेरा खो जाए,
हर पल तेरा नाम ही जुबां पर आए।
राम के दूत, अंजनी के लाल,
कर दो जीवन मेरा खुशहाल॥
(मुखड़ा)
जय-जय बजरंगी, जय हनुमान,
तेरे नाम से रोशन मेरा जहान।
संकट हर लो, रखना मान,
जय-जय बजरंगी, जय हनुमान॥
(अंतरा 2)
जहाँ भी देखूँ, तेरी ही छाया,
तूने हर भक्त का साथ निभाया।
शक्ति दो, भक्ति दो, ऐसा वरदान,
सदा जपूँ मैं तेरा नाम॥
(समापन)
बोलो पवनसुत हनुमान की जय,
बोलो श्रीराम भगवान की जय।
हर दिल गाए एक ही गान,
जय-जय बजरंगी, जय हनुमान॥ :::