[Intro]
श्री मतिया देव, मन्दिर की महिमा,
कच्छ की धरा पर, लहराए भक्ति की रेशमी चादर।
[Verse 1]
गुडथर गाँव में, बसी है ये प्रेरणा,
हिंदू मुस्लिम सब, मनाते मिलकर ये आस्था।
धूप छाँव में भी, सजी है इसकी काया,
दिलों में बसता है, मतिया का साया।
[Pre-Chorus]
आईए साथ मनाए, हम सब मिलकर भक्ति,
उनकी कृपा से जले, हर दिल में उजाला।
[Chorus]
आओ माथा टेकें, शांति का वादा लें,
श्री मतिया देव, हमारा सब कुछ आपका।
हे श्री मतिया देव आपकी महिमा अपरंपार
हर भक्त के दुख मिटाएं आप सदा सहायकार
माँमई देव के नन्दन आप हो हमारे तारणहार
हे देव कृपा करो हमें मिले सही विचार
[Verse 2]
सूरज की पहली किरण, लाती है तरंग,
श्री मतिया की महिमा, सारा जग करे संग।
हर दिल में बसी, एक नयी कड़ी,
भूलते सारे भेद, बस एक नई सदी।
[Verse 3]
दिलों का ये मेल है, प्यार की दस्तान,
हिंदू और मुस्लिम, ये दो दुनिया एक समान।
मृत्यु भी झुके जिसकी महिमा के आगे
तेरी दीवानी हवा तेरी महिमा जगाए
हर प्रार्थना के सिरमोर हो देव महान
तेरी दहाड़ से कम्पित हो ब्रह्मांड
[Chorus]
आओ माथा टेकें, शांति का वादा लें,
श्री मतिया देव, हमारा सब कुछ आपका।
हे श्री मतिया देव आपकी महिमा अपरंपार
हर भक्त के दुख मिटाएं आप सदा सहायकार
माँमई देव के नन्दन आप हो हमारे तारणहार
हे देव कृपा करो हमें मिले सही विचार
[Bridge]
मतिया के चरणों में, सब परेशानियाँ मिट जाएँ,
उनकी कृपा से ही, सब खुशियाँ मिल जाएँ।
कम जज़्बातों में, मिले दिल की बात,
श्री मतिया देव, दिखाएँ राह की सौगत।
[Outro]
श्री मतिया देव, कच्छ की धरा पर,
धर्म के किनारे पर, प्रेम का नन्हा आशियाना।
आओ हम सब साथ रहें, मतिया की धुन में,
शांति और सच्चाई, भकती की चुनरी में।
[Verse]
गुड़थर की धरती पर हुई ज्योति प्रकट
श्री मतिया देव का रूप है निर्मल व भक्त
महेश्वरी के पालनहार दया की डोरी
आपकी लीला अपार हमें कहते सब सन्तोरी