तेरी मिट्टी में है सोने की महक,
तेरी हवाओं में है ममता की दहक।
तेरे सूरज से रोशन है मेरी सुबह,
तेरे चाँद से सजी है मेरी हर रात।
तेरे खेतों में सपनों की फसलें लहराती,
तेरी नदियाँ जीवन की सरगम गाती।
तेरे जंगलों में शेर सा साहस बसता,
तेरी धरती पर हर दिल सच्चा धड़कता।
जब भी तेरे लिए सरहद पे खड़ा सिपाही,
मैं उसकी आँखों में खुद को देख पाता हूँ।
तेरे लिए जीना ही मेरी आरज़ू है,
तेरे लिए मरना भी मुझे मंज़ूर है।
ओ मेरे प्यारे वतन, तू ही मेरा ईमान,
तेरे नाम पे कुर्बान मेरी हर जान।
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