अंतरा 1
मइया के दरस बिना मनवा सूना-सूना लागे,
तेरे आँगना में आए बिना, चैन न पावे जागे।
तेरे गली के धूल पवित्तर, माथा पे धर लेई,
मा गो तुहारे आँचल में, हम सुख-शांति भर लेई।
कोरस
जय हो जय हो मइया रानी,
तेरे बिन कौन सहारा।
जय हो जय हो जगदम्बा,
तु ही भवसागर पार उतारा।
अंतरा 2
तेरे नाम बिना जीवन, सूखा पत्ता होई,
तेरे दर्शन से माँ, जीवन गुलशन होई।
तेरे चरण कमल में बसी, भक्ति अटूट धारा,
मा गो तेरे आशीष से, कट जाला हर बिपदा सारा।
कोरस
जय हो जय हो मइया रानी,
तेरे बिन कौन सहारा।
जय हो जय हो जगदम्बा,
तु ही भवसागर पार उतारा।