टूटा दिल, बिखरी यादें"
(अंतरा 1)
ख़्वाब थे जो साथ चलेंगे,
आज बस वो ही जल रहे हैं...
तेरी हँसी के वो उजाले,
अब तो अंधेरों में ढल रहे हैं...
दिल से तेरी राह तक,
हर कदम मैं ढूँढता...
साँसों में जो नाम था,
आज भी तुझको पूछता...
(सहगान / कोरस)
क्यों ये दिल तुझसे जुड़ा,
जब तेरा ही न रहा...
टूट कर बिखर गया,
फिर भी तेरा इंतज़ार रहा...
(अंतरा 2)
आईने में खुद को देखूं,
हर जगह तेरा अक्स दिखे...
सारी रातों की ख़ामोशी,
बस तेरी आवाज़ लिखे...
कितने ख्वाब थे रंगीन,
अब काले-सफेद हो गए...
तेरी वो बातें अधूरी,
अब भी ज़िन्दगी रो रहे...
(सहगान / कोरस – इमोशनल हाई नोट्स)
क्यों ये दिल तुझसे जुड़ा,
जब तेरा ही न रहा...
टूट कर बिखर गया,
फिर भी तेरा इंतज़ार रहा...
(ब्रिज – सोलो गिटार और धीमी धड़कन जैसी बीट्स)
कह दो अगर कहीं हो,
बस एक बार मिल लो...
सांसों में जो उलझा है,
बस उसे आज छू लो...
(आउट्रो – हल्की म्यूजिक फेडआउट, धीमे पियानो नोट्स)