साल 500 बीत गये, हर तरफ निराशा फैली थी।
गोधरा, भगलपुर, मुम्बई की जब धरा दंगों से डोली थी।
फिर खड़े हुए कुछ भक्त राम के, प्रण मन्दिर का लिये हुए।
प्राधीन के जो अवशेष मिले सब मिटा दिये राम नाम के नारों ने
सत्ता के मद में चूर जो,
वो मांग रहे प्रमाण राम के नाम का ,
कईयों कि निर्मम हत्या कि,
जो गूंज रहे राम नाम के नारे थे,
फिर 2014 में कृपात्री जी का जागृत श्राप हुआ,
सत्ता के लालची लोगों का फिर कभी ना ऊँचा नाम हुआ ,
जो राम नाम के साथ में,
सत्ता भी उनके हाथ में,
,
बिना नैत्र के दुदर्शी ने कथनो से अपने हर प्रपंचों को
मार दिया ।
नवम्बर 09 सन् 19 को ,
इतिहास बदल दे ऐसा न्याय राम के नाम हुआ,
भूमि पूजन के मौके पर,
चरणों में सम्पूर्ण विश्व का दण्डवत् प्रणाम हुआ,
जनवरी २२ सन् 24 में स्वपन सनातनी साकार हुआ ,
जीत सदा सत्य कि हुई,
सतयुग ya कलयुग आये हो,
Galgat उनका सदा आभार krne,
Jo राम राज्य फिर लाये हो।