[Verse]
तुम्हारे दिल के आज भी क़रीब हूं
ख्वाबों की तरह तुम्हारे करीब हूं
तुम्हारी आँखों में जो देखूं मैं
हर लम्हा लगता जैसे कोई गीत हूं
[Verse 2]
फूलों से भी नर्म तुम्हारा एहसास है
तुम्हारे बिना जैसे अधूरी सी आस है
तुम्हारी हंसी में छुपे चाँद से नज़ारे
रातें भी कहें तुमसे कोई खास है
[Chorus]
फिज़ाओं में तुम्हारी खुशबू है
सांसों में जो बसती वो जुस्तजू है
दिल के हर कोने में तुम हो
मेरी धड़कनों का हर पल तुमसे वाबस्ता है
[Verse 3]
बेरहम ये दौर फिर भी इंतजार है
तुम्हारी राहों में बिछा मेरा प्यार है
तुम्हारी यादों का सिलसिला यूं है
कि हर पल सोचूं तुमसे रिश्ता यार है
[Bridge]
आँखों में तेरी जो जादू सा है
सपनों में तुम्हारा इम्तेहान सा है
दिल के करीब जाने कैसे ये हो गया
तुमसे दूर जाने का डर मेहरबान सा है
[Chorus]
फिज़ाओं में तुम्हारी खुशबू है
सांसों में जो बसती वो जुस्तजू है
दिल के हर कोने में तुम हो
मेरी धड़कनों का हर पल तुमसे वाबस्ता है