अब के भरे सावन में, मेरे भोलेनाथ आएंगे
भोले नाथ आएंगे शम्भू नाथ आएंगे....
अपने भक्तों का दुख-दर्द वो चुटकियों में मिटाएंगे...
अपने भक्तो का दुख दर्द वो चुटकीयों मे मिटाएंगे....
हर हर महादेव गूंजेगा, सारा गगन झूमेगा
बम-बम भोले का नारा फिर, हर दिल गाएगा ...
बम बम भोले का नारा फिर हर दिल गायेगा....
बरसो से जो आंखें रोती रहीं.....
उनमें खुशियों का काजल भर जाएगा...
जो हाथ खाली रहे
उन्हें भी आशीर्वाद मिल जाएगा
अब के भरे सावन में, मेरे भोलेनाथ आएंगे
भोले नाथ आएंगे शम्भू नाथ आएंगे....
अपने भक्तों का दुख-दर्द वो चुटकियों में मिटाएंगे...
अपने भक्तो का दुख दर्द वो चुटकीयों मे मिटाएंगे....
ना आरती,ना घंटी बजी
ना ही पुष्पों की माला चढ़ी
जो भी मन से पुकारेगा
वही भोलेनाथ आएंगे...
अब के भरे सावन में, मेरे भोलेनाथ आएंगे...
टूटे सपनों का बोझ लिए,
जो भक्त भटकता रहा
उन भक्तो के रास्तों में
महादेव राह बनाएगा.....
भोले के भरोसे अब
सारी जिंदगी बिताएंगे.......
अब के भरे सावन में, मेरे भोलेनाथ आएंगे...
भोले तेरी सूरत मे
मुझे चैन आता है....
तुझे ना देखु एक पल तो
दिल की धड़कन रुक जाती है
तेरे नाम लेते ही
सब संकट दूर हो जाते है.....
अब के भरे सावन में, मेरे भोलेनाथ आएंगे..
✍️दीपक परमार ✍️