समय: 3:00 मिनट | मिजाज: रोमांटिक और गहरा
(Intro - 0:00 - 0:20)
(धीमी गिटार की धुन और हल्की सी वायलिन)
(मुखड़ा / Chorus - 0:20 - 0:55)
मिले क्यों न हम पहले? क्यों ये दूरी रही?
आ पास मेरे, अब ये मजबूरी नहीं।
So pull me closer, why don’t you pull me close?
आ मिलो मुझे उस मोड़ पर, जहाँ सवेरा हो।
मैं खो रहा हूँ खुद को, बस थोड़ा सा,
पास होकर भी, क्यों लगे तू है फासला?
Meet me in the middle...
In the middle...
(अंतरा 1 / Verse 1 - 0:55 - 1:30)
रूठना नहीं तुम, मैं आऊँगा ज़रूर,
चाँद के नीचे, जब चमकेंगे सितारे दूर।
मैं हाथ बटाऊँगा, मैं खाना बनाऊँगा,
तेरे घर के कोनों में, झाड़ू भी लगाऊँगा।
बस तुम मुस्कुराना, मेरा घर वही है,
जहाँ तुम साथ हो, हर खुशी वही है।
चलो लंबी सैर पर, जहाँ सिर्फ चाँद हो,
मैं हूँ वहीं, जहाँ तुम्हारा हाथ हो।
(Bridge / आलाप - 1:30 - 2:00)
(यहाँ संगीत थोड़ा तेज़ और गहरा होगा)
तेरी गलियों को ढूँढते, अपना घर पा लिया,
तुझसे मिलकर, मैंने हर गम को भुला दिया।
तुम 'धड़कन' हो मेरी, मैं 'दिल' हूँ तुम्हारा,
इस अधूरी कहानी का, तू ही सहारा।
(अंतरा 2 / Verse 2 - 2:00 - 2:30)
हमेशा साथ हूँ, चाहे हो कितनी भी दूरी,
बिना तेरे ये ज़िन्दगी, लगती है अधूरी।
दिल में बस प्यार है, ज़हन में तेरा नाम,
भूल न पाऊँगा तुझे, चाहे बीते कितनी शाम।
पास हो मेरे, फिर भी तुम्हें याद करता हूँ,
हर सांस में बस, तुम्हारी ही बात करता हूँ।
(अंतिम मुखड़ा / Final Chorus - 2:30 - 2:50)
मुझे अपनी कहानी से प्यार है, क्योंकि उसमें तुम हो,
मुझे तुमसे प्यार है, इसीलिए मेरी कहानी तुम हो।
So pull me closer...
Meet me in the middle...
(Outro - 2:50 - 3:00)
(संगीत धीमा होते हुए)
तुम 'धड़कन' हो मेरी...
मैं 'दिल' हूँ तुम्हारा...
मेरा घर... तुम हो।