[Intro]
आओ मिलकर खुशियाँ मनाएँ,
घर-घर दीप जलाएँ।
आज अयोध्या फिर से सजी है,
राम लला घर आए।।
[Verse 1]
सजी हैं गलियाँ, सजे हैं द्वारे,
खुशियों के आए हैं नज़ारे।
हर चेहरे पर मुस्कान है छाई,
आज पावन दीपावली आई।
फूलों की खुशबू महके चारों ओर,
गूँजे जय श्री राम का शोर।
ढोल बजे और बजे शहनाई,
राम के आने की बेला आई।
[Pre-Chorus]
अंधियारा अब दूर भगाओ,
प्रेम का दीप जलाओ।
राम नाम की ज्योति से,
जीवन अपना सजाओ।
[Chorus]
राम आए हैं, दीप जलाओ,
खुशियों के गीत सुनाओ।
जय श्री राम की धुन में,
सारा जग झूमाओ।
राम आए हैं, दीप जलाओ,
मिलकर उत्सव मनाओ।
प्रेम, दया और सत्य का,
संदेशा घर-घर पहुँचाओ।
[Verse 2]
सरयू तट पर दीपक जलते,
जैसे तारे धरती पर चलते।
अयोध्या नगरी हँसती गाती,
राम भक्ति की धुन सुनाती।
बच्चे, बूढ़े, नर और नारी,
सब पर राम कृपा है भारी।
हर मन में विश्वास जगाओ,
राम नाम का दीप जलाओ।
[Bridge]
ना कोई बैर रहे दिल में,
ना कोई दूरी रहे।
राम का प्रेम बस जाए ऐसा,
हर घर खुशियों से भरे।
हाथों में हाथ मिलाकर,
सबको गले लगाओ।
दीपावली के शुभ अवसर पर,
राम का प्रेम फैलाओ।
[Verse 3]
सुनो हवाएँ क्या कहती हैं,
राम कथा ये गाती हैं।
सत्य की राह पर चलने वाले,
हर मुश्किल से जीत जाते हैं।
सोने-चाँदी से बढ़कर प्यारा,
राम नाम का उजियारा।
जिस घर में यह दीप जले,
सुख का सागर वहीं मिले।
[Final Chorus]
राम आए हैं, दीप जलाओ,
खुशियों के गीत सुनाओ।
जय श्री राम की धुन में,
सारा जग झूमाओ।
राम आए हैं, दीप जलाओ,
मिलकर उत्सव मनाओ।
हर दिल में प्रेम जगाओ,
राम का नाम गुनगुनाओ।
[Outro]
दीप जले तो दिल भी जलें,
प्रेम की ज्योति लेकर चलें।
राम हमारे, राम सहारे,
उनसे ही हैं सपने सारे।