माँ पाटनेश्वरी, तोर चरन मं सिर झुकाथं,
मन के पीरा, तोला आज सुनाथं ...
अंजोर के जोत, अंधियार मं लाथस,
मया के छांव, हर दुख ला भुलाथस...
माँ तोर किरपा, मोर जीवन के आस हे,
संकट के घड़ी मं, तोर नाम साथ हे...
भूल-चूक हो जाथे, माफ कर दे ,
माँ पाटनेश्वरी, अपन अंगना मं धर ले...
मोर मन के मंदिर, तोर नाम गूंजे,
भक्ति के सुर मं, मोर आत्मा डूबे....
माँ के ममता, अमृत के धार हे,
माँ पाटनेश्वरी, तोर बिना सूना संसार है...
माँ पाटनेश्वरी, तोर चरन मं सिर झुकाथं,
मन के पीरा, तोला आज सुनाथं...
अंजोर के जोत, अंधियार मं लाथस
मया के छांव, हर दुख ला भुलाथस...
माँ तोर किरपा, मोर जीवन के आस हे
संकट के घड़ी मं, तोर नाम साथ हे...
भूल-चूक हो जाथे, माफ कर दे
माँ पाटनेश्वरी, अपन अंगना मं धर ले...
मोर मन के मंदिर, तोर नाम गूंजे ,
भक्ति के सुर मं, मोर आत्मा डूबे....
माँ के ममता, अमृत के धार हे,
माँ पाटनेश्वरी, तोर बिना सूना संसार हे.....
हर बिहान तोर जोत जला के,
मन मा अरज करथं, माँ मया दे.....
सुख-दुख के साथी, संकट हरनी ,
माँ पाटनेश्वरी, तोर चरण मं सिर नवाथं..
माँ पाटनेश्वरी, तोर किरपा के छाया ,
मन के हर कोना मं, तोर मया समाया....
भूले-भटके राही ला, राह दिखाथस ,
माँ के चरण मं, सुख-शांति बरसाथस....
मोर जीवन के नैया, तोर भरोसा मं चले ,
दुख के अंधियार मं, तोर जोत जले.....
भक्ति के फूल, तोर चरण मं चढ़ाथं ,
माँ पाटनेश्वरी, तोर मया पाथं.....
माँ के बिना, संसार अधूरा लागे ,
तोर नाम लेके, मन हरदम जागे....
हर सांस मं, तोर भजन गाथं,
माँ पाटनेश्वरी, तोर चरण मं सिर नवाथं....
माँ तोर बिना, जीवन के राह भुला जाथे,
तोर किरपा ले, हर सपना साकार हो जाथे....
मोर दुख-दर्द, तोर गोदी मं हर जाथे,
माँ पाटनेश्वरी, तोर मया अमर रहिथे.....
गांव-गांव मं, तोर जयकार गूंजथे,
भक्तजन तोर दरबार मं, आस ले पहुंचथे .....
माँ के दरस पाई के, मन हरियर हो जाथे ,
माँ पाटनेश्वरी, तोर किरपा बरस जाथे.....
केशव, में तोर बालक हंव
भूल-चूक हो जाथे, माफ कर दे ,
तोर दया बिना, कुछू नइ हो सकय
मोर जीवन के नैया, तोर भरोसा मं चलय..
हर बिहान तोर नाम ले उठथं
मन के मंदिर मं तोला बसाथं....
संकट आवय, तोर गोदी मं भागथं
केशव में मा तोर बालक हंव......
मोर मया, मोर आस, तोर चरण मं हे
मोर हर सांस, तोर नाम लेथे
जग के भीड़ मं, तोर मया पाथं ,
केशव में तोर बालक हंव..
जग मं सबके अपन-अपन संगवारी हे ,
मोर मन अकेला, बस तोर आसवारी हे ...
आँख मं आँसू, मन मं पीरा हे,
केशव तोर बिना मां मोर जीवन अधूरा हे...
तोर किरपा के आस मं, हर दिन बिताथं ,
मोर दुख, तोर चरण मं धर देथं....
सुन ले अरज, मोला अपन बना ले ,
केशव में मां तोर बालक हंव......