[Male]
तुम्हारी दी हुई,
कई तोहफों की,
बासी यादें
जो अब भी साथ हैं...( 2 Times)
किसी कटी हुई,
लूटी हुई
पतंग सा,
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
वो अब भी साथ है
[Female]
लटाई में लिपटे थे जो सपने,
वक़्त के धागों से टूट गए...
मेरा दिल भी जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
तेरी बाहों में जो थी खुशबू,
अब तक मेरे सांसों में रूठ गए...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
[Male]
जब भी
धागों को जोड़ता हूँ,
और थोड़ा सा ढील देता हूँ...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
वो पहली उड़ान की ख़ुशबू,
फिर से मेरी रूह सह लेता हूँ...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
[Female]
तूने जो
छोड़ी थी डोरी,
अब भी
मेरे हाथों में उलझी है...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
तेरी हँसी की वो परछाई,
आज भी मेरी आँखों में बसती है...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
[Male & Female]
पतंग सा प्यार था हमारा,
हवा में उड़कर भी टूट गया...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है
रंग थे सारे इश्क़ के इसमें,
पर तक़दीर से हार गया...
मेरा दिल जो बेबस है...
वो अब भी साथ है .....
लटाई में लिपटे थे जो सपने,
वक़्त के धागों से टूट गए...
तुम्हारी दी हुई,
कई तोहफों की,
बासी यादें
वो अब भी साथ हैं..
[Guitar Solo]
[Guitar Solo]