तेरी आँखों में है जो समुंदर,
मैं डूबूँ हर रोज़ उस अंदर,
तेरे बिना दिल लगता नहीं,
जैसे बिना धड़कन ये जिया नहीं।
तू ही है मेरा जहाँ, तू ही है मेरी दुआ,
तेरे बिना अधूरा मैं, तेरे बिना अधूरा ख़्वाब सा।
राहों में बस तेरा नाम, साँसों में तेरा एहसास,
ओ साजन... ओ जानम...
तेरे बिना अधूरा मैं।
तेरी खुशबू से महके हर शाम,
तेरी हँसी पे है मेरा ये जाम,
तेरी धड़कन से बंधा ये दिल,
तेरे बिना सब कुछ है मुश्किल।
ब्रिज (धीमा, जज़्बाती):
रातें भी तुझसे माँगें चाँदनी,
दिन भी तुझसे माँगे रोशनी,
बस तू मिले... तो पूरी हो ये ज़िंदगी।