कांवड़ कंधे पे चढ़ा ले, भोले के भक्त चल पड़े,
हर हर महादेव का नारा, जोश में सारे नाच पड़े।
शिवरात्रि की रात है जागी, डमरू की धुन पे थिरके,
भोले बाबा के जयकारे, आसमान को चीरके!
बम बम भोले! जोश में आ, कांवड़ियों का रेला,
शिवरात्रि पे मस्ती चढ़ी, भक्ति का रंगीला मेला।
हर हर गंगे! जय शिव शंकर! दिल में ज्वाला जली,
कांवड़ लेके नाच रहे, भोले की मस्ती चढ़ी!
गंगा जल की धार बहे, मन में शिव का प्यार बहे,
त्रिशूलधारी बाबा के संग, हर भक्त का दिल अब डोले।
नीलकंठ का नाम जपे, जोश से कदम बढ़े,
शिवरात्रि की रात में, हर दिल बाबा संग झूमे!
बम बम भोले! जोश में आ, कांवड़ियों का रेला,
शिवरात्रि पे मस्ती चढ़ी, भक्ति का रंगीला मेला।
हर हर गंगे! जय शिव शंकर! दिल में ज्वाला जली,
कांवड़ लेके नाच रहे, भोले की मस्ती चढ़ी!
भांग की मस्ती, धतूरा चढ़े, बाबा का तांडव चले,
डमरू की ताल पे, सारा जहां डोले।
शिवरात्रि का जश्न है, भक्तों का जोश है,
कांवड़िया मस्ती में, भोले के रंग में खो जाए!
जय शिव शंकर! बोल बम बम! कांवड़िया गाए,
शिवरात्रि की धूम में, हर दिल बाबा संग आए।
अनिकेत पूनिया की कलम से, गूंजे भक्ति का स्वर,
((Tunes Echo ))में बजा, भोले का जय जयकार!