**हमारी बस्ती की गलियों में, तेरी यादों का साया है,
दिल से दिल का रिश्ता है, मगर फासलों ने रोका है।
तू मेरा ख्वाब है, मैं तेरी दुआ,
फिर भी किस्मत हमें मिलाने से रोकती है।
रातें तेरे बिना अधूरी, दिन तेरे बिना सुने,
तेरी हँसी में मेरी दुनिया, तेरी आँखों में मेरे सपने।
हम दोनों का प्यार सच्चा है, पर मुलाकात अधूरी,
ज़िंदगी की राहों में, बस रह गई एक मजबूरी।
दिल ये कहता है हर पल, तू ही मेरी मंज़िल,
चाहे दूरी हो कितनी, तू रहेगा हमेशा दिल में शामिल।**