जिद्दी छोरा हऊँ, रोक सको रोक लो,
जियरा में लावे आग,
अब तऽ भड़क के देख लो!
कोई ना रोके, कोई ना टोके,
धरती के बेटा हऊँ,
खेला हम छेड़े ना कोई धोखे!
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अरे किस्मत के लिखा बदल देब,
जइसन चाहब करब,
जहाँ भी जइबू,
ओहिजे हम हुकूमत धरब।
हवा से तेज, आग से गरम,
अब रोकबू तऽ खेलवा होई सरगर्म!
दमदम ...
ई माटी के कसम बा,
कतहूँ झुकब नाहीं,
अपने मरदई पे,
कौनो दाग धरब नाहीं!
काजर कसरी अंखिया चमके,
बोली में तलवार,
सिधा जिगर के धड़कन दमके!
दमदम ...
कवनो ताकत हिलाई ना सके,
कवनो बंदूक डराई ना सके!
सिंहासन हिलब, गरजन गूंजब,
अब के तू ललकारब तऽ गदर मचब!
दमदम ...
"मैं जिद्दी छोरा हऊँ, रोक सको रोक लो!"
(हीरो एंट्री पूरी, कैमरा ऊपर जाता है, भीड़ चीखती है – "जय हो!")
दमदम ...
[Male Vocal]
[Chorus]
[Intro]