साइकिल का निशान, जनता का सम्मान
| 🌅 Intro (0:00 – 0:18) | साइकिल का निशान उठे, जनता का सम्मान उठे...
किदवई नगर बोले दिल से—
आ रहे हैं सुधांशु मिश्रा जी फिर से…! |
| 🎤 Hook (कोरस) (0:18 – 0:48) | (धीमा शुरू, फिर एनर्जी बढ़े)
हक़ की आवाज़ है, यह नया आगाज़ है।
हर बस्ती, हर गली, अब साथ है, साथ है।
विश्वास का धागा, टूटा नहीं भागा।
साइकिल को वोट दीजिए, मिश्रा जी को जिताइए।
जय हो! |
| 🎼 Antara 1 (0:48 – 1:25) | कल भी किया विकास है, आज भी यही प्रयास है।
झूठे वादों से नहीं, सच्ची नीयत पे हमें विश्वास है।
(किदवई नगर की आवाज़)
बिजली, सड़क, पानी, सब पर है उनका ध्यान।
बच्चों का भविष्य हो, या हो बुज़ुर्गों का मान।
अब नहीं रुकेंगे, नहीं झुकेंगे! |
| 🎤 Hook Repeat (1:25 – 1:55) | हक़ की आवाज़ है, यह नया आगाज़ है।
हर बस्ती, हर गली, अब साथ है, साथ है।
विश्वास का धागा, टूटा नहीं भागा।
साइकिल को वोट दीजिए, मिश्रा जी को जिताइए।
जय हो! |
| 🔥 Antara 2 (1:55 – 2:40) | (एनर्जी पीक पर – जोश में)
जनता की शक्ति, जनता का बल।
सुधांशु मिश्रा हैं किदवई का कल।
(चोइर/कोरस)
"हो... हो... हो... क्रांति का शंखनाद हुआ।"
"हो... हो... हो... न्याय का इंसाफ़ हुआ।"
डर के नहीं, डटकर खड़े हैं हम!
यह चुनाव नहीं, यह है सत्य का संगम! |
| 🏁 Ending Tagline (2:40 – 3:00) | (म्यूजिक धीमा, चोइर सस्टेन)
अब बदलाव की है बारी...
सुधांशु मिश्रा हैं सबकी तैयारी...
साइकिल को वोट दीजिए...
मिश्रा जी को जिताइए!