स्कूल: सरायपाली के ज्ञान-दीप
सन दो हजार अठरा के पावन बेरा, सरायपाली के माटी म, ज्ञान के उजियार फैलाय बर, इग्नाइट खुलिस ठांव म। शिक्षा के मंदिर ये बनिस, ज्ञान के ये धाम, नवा पीढ़ी के भविष्य खातिर, चमकाइस ये नाम।।
श्रीमती रींकी नंदे जी, संभालीन पाठ के भार, ज्ञान के रथ ल आगे बढ़ा दिस, बनके सब के यार। संगवारी शिक्षक मन, मिल के करथे काम, ज्ञान के गंगा बहाय, लिख देथे सब के नाम।।
श्री रीवाराम वर्मा जी, गणित के ज्ञाता महान, अंक अउ गिनती के खेल म, भर देथे सब ज्ञान। कठिन सवालां के हल करथे, समझाथे हर बार, गणित के जादूगर हवय, सब के प्रिय दुलार।।
डॉक्टर लेख रंजन बी. पात्रो, अंग्रेजी के विद्वान, अंग्रेजी के दुनिया म ले जाथे, देके सोझ ज्ञान। बोलचाल के ढंग सिखाथे, सहज अउ सरल भाव, अंग्रेजी बोलय सब लइका, बनथे येही स्वभाव।।
सौ ले जादा सियान, पढ़थे दिन अउ रात, अंग्रेजी माध्यम ले होथे, ज्ञान के सब बात। एनसीईआरटी के पुस्तक म, सब ज्ञान ल समझय भाई, ज्ञान के सागर म गोता लगाय, होथे उजियार आई।।
हिंदी पढ़ाथे नंदे मैडम, मीठी बोली बोल, शब्द मन के अर्थ बताय, खोल देथे सब पोल। कविता, कहानी, गीत म, सिखाथे सब ला प्यार, भाषा के मिठास ले, महका देथे संसार।।
वर्मा सर गणित सिखाथे, बनाय देथे होशियार, अंकगणित, बीजगणित, सिखाथे हर बार। सूत्र, प्रमेय, सिद्धांत, समझाथे सब खास, गणित के डर ला भगा के, बढ़ाय देथे विश्वास।।
पात्रो सर अंग्रेजी पढ़ाथे, धाराप्रवाह के संग, उच्चारण, व्याकरण सिखाथे, हर एक ढंग। अंग्रेजी के पुस्तक ला, बना देथे सब के मीत, अंग्रेजी बोलय सब लइका, मिटा के सबो रीत।।
प्रातः बेला म स्कूल खुले, पंछी के चहचहाट, ज्ञान के किरण फैलाय, मिटा दे अँधियारी रात। खेल-कूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मन ला भर देय, इग्नाइट स्कूल म खुशी के, हर पल उमड़ परे।।
सरायपाली के माटी म, इग्नाइट के यश नाम, शिक्षा के क्षेत्र म करे, नवा अउ उजला काम। भविष्य के पीढ़ी ला देथे, सोझ अउ सही राह, इग्नाइट स्कूल, सरायपाली, हमर गौरव अउ चाह।।
इग्नाइट स्कूल, सरायपाली, ज्ञान के भंडार, शिक्षा के दीप जलाय, करे नवा उद्धार। सफलता के शिखर म, हमेशा रहय नाम, इग्नाइट स्कूल, सरायपाली, हमर अभिमान।।
ये स्कूल, शिक्षा के मंदिर, ज्ञान के धाम, लइका मन के जीवन म, लाये सुख अउ आराम। सरायपाली के हीरा, इग्नाइट के नाम, शिक्षा के ज्योति जगाय, करे जग म नाम।।