[Intro]
(गिटार की एक उदास धुन और हल्की हवाओं का शोर...)
अजीब है ना...
कभी जिस आवाज़ के बिना नींद नहीं आती थी,
आज उसी आवाज़ को सुनने की हिम्मत नहीं होती।
सब बदल गया, बस ये दिल वहीं रह गया।
[Verse 1]
आज फिर से उसी रास्ते से गुज़रा मैं,
जहाँ तुमने आखिरी बार मेरा हाथ छोड़ा था।
सड़कें वही हैं, वो नीम का पेड़ भी वहीं है,
बस वो जो हम थे, अब वो हम नहीं हैं।
तुम्हारे परफ्यूम की खुशबू आज भी हवा में है,
या शायद मेरे ज़हन का कोई पुराना सा वहम है।
[Pre-Chorus]
Insta के पुराने फोटोज़ अब भी हटा नहीं पाया,
चाह कर भी तुझे अपनी यादों से मिटा नहीं पाया।
लोग कहते हैं कि वक़्त हर ज़ख्म भर देता है,
पर ये वक़्त तो मुझे हर रोज़ और कमज़ोर कर देता है।
[Chorus]
तू तो खुश है अपनी नई दुनिया सजा कर,
मैं यहाँ बैठा हूँ खुद को ही सज़ा देकर।
क्या कभी याद आता है तुम्हें वो बीता हुआ कल?
या मैं सिर्फ़ तुम्हारी ज़िंदगी का एक बुरा पल था?
अधूरा सा मैं, और पूरी तुम्हारी ये बेरुखी,
मेरी हर खुशी अब तुझसे शुरू हो के तुझपे ही रुकी।
[Verse 2]
वो जो तुमने मेरी शर्ट पर अपना काजल छोड़ा था,
मैंने आज भी उसे धोया नहीं।
पागल कहते हैं मुझे सब, पर क्या बताऊँ उन्हें,
उस दिन के बाद मैं चैन से सोया नहीं।
सुना है अब तुम्हें बारिशें अच्छी नहीं लगती,
शायद तुम उन भीगी रातों को भूलना चाहती हो।
[Bridge]
(संगीत गहरा और भारी हो जाएगा)
मेरी हर दुआ में अब बस तेरा ही ज़िक्र होता है,
पर अब तेरा ज़िक्र भी मुझे अंदर से तोड़ता है।
कैसे कहूँ कि मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं,
जबकि तुम्हारे बिना मेरी कोई हकीकत नहीं।
तुमने तो पल भर में रास्ते बदल लिए,
मैं आज भी उसी मोड़ पर तुम्हारा इंतज़ार करता हूँ।
[Chorus]
तू तो खुश है अपनी नई दुनिया सजा कर,
मैं यहाँ बैठा हूँ खुद को ही सज़ा देकर।
क्या कभी याद आता है तुम्हें वो बीता हुआ कल?
या मैं सिर्फ़ तुम्हारी ज़िंदगी का एक बुरा पल था?
[Outro]
चलो, अब तुम्हें ढूंढा नहीं करूँगा,
तुम्हारे शहर की गलियों में अब दिखा नहीं करूँगा।
पर जब कभी तन्हाई में दिल भारी हो,
तो याद करना... कोई था जो तुम्हें खुदा मानता था।
(म्यूजिक धीरे-धीरे धीमा होकर शांत हो जाता है...)
खुश रहना... बस इतना ही कहूँगा।