[मुखरा]
जहिया से अइलू जिनगी में उजाला हो गईल,
दिलवा में जाग गईल प्यार के बहार हो!
तोहारे से बंधल सात जनम के बंधन हो,
तू हमके छोड़ के जन जइह ऐ जान हो!
[अंतर 1]
ताहरे बिना हो जाई जिनगी हमार अंधेरा हो,
ताहरे सिवा केहू ना बा हमार दिलवा में!
ताहार फोटो देख के बिताईं रतिया हो,
जब से मिललू इंस्टाग्राम के आईडी पे!
[अंतर 2]
हमार किस्मत के चाबी बन गईलू हो,
जइसे लागे हमके हीरा मिल गईल बा!
तू देबू साथ तs दुनिया के हर जंग जीत के देखाब,
करेजा साथ देबू तs तोहरा खातिर दुनिया से लड़ जाईब!
जरूरत पड़ी तs हाई कोर्ट पहुँच जाईब,
आर्टिकल ऐकिश लगा के, शादी के रोके वाला के औकात देखादब !
[मुखरा]
जहिया से अइलू जिनगी में उजाला हो गईल,
दिलवा में जाग गईल प्यार के बहार हो!
तोहारे से बंधल सात जनम के बंधन हो,
तू हमके छोड़ के जन जइह ऐ जान हो!
[अंतर 3]
ताहरा के हम त दिलवा में बसाके रखले बानी,
अब त तोहरा के आपन घरवा के रानी बनाइब!
ताहरे संघे पूरा जिनगी बिताईब, मरते दम तक हाथ ना छोड़ब,
जब प्यार कईले बानी तs डेराइब काहे!
[अंतर 4]
ना कबो प्यार झुकल बा, ना कबो झुकी,
इतिहास गवाह है, बहती आंधी-तूफान केहू ना रोक पईलस!
बहती हुई नदियां केहू ना रोक पईलस, तs हमार प्यार कइसे कोई रोक पाई,
बस तू हमार साथ देत रहिह जन, तs तोहरा खातिर हर किला ढाह देहम!
[अंतिम कोरस]
अब तू मान जा धीरज मौर्य के बात, हमनी के प्यार के जीत होई,
केहू ना हमनी के हरा पाई, हमनी के शादी के सहनाई पूरा बिहार में बाजी!
जहिया से अइलू जिनगी में उजाला हो गईल,
दिलवा में जाग गईल प्यार के बहार हो!
तोहारे से बंधल सात जनम के बंधन हो,
तू हमके छोड़ के जन जइह ऐ जान हो!