[अंतरा - 1]
टूटा जो तारा, एक दुआ माँगी थी,
तेरे साथ जीने की बस ख़ता माँगी थी।
मगर आसमाँ भी शायद रूठा था,
तेरे जाने की पहले से ही सज़ा माँगी थी।
[कोरस]
टूटे तारे की तरह, तू भी चला गया,
एक टूटा हुआ दिल मुझे देके चला गया।
रातें कहती हैं तेरा नाम अब भी,
पर तू चाँद बनके किसी और का हो गया।
[अंतरा - 2]
मैंने आँखों में रखे थे कुछ ख्वाब तेरे,
अब वो भी बारिश में बह गए हैं ग़मे तेरे।
तेरे बिना हर जश्न अधूरा लगता है,
खुशियाँ भी अब मातम सा लगता है।
[ब्रिज]
तेरे बाद तारे नहीं टूटते अब,
किससे कहूँ — अब दुआ भी नहीं माँगते हम।
दिल जो टूटा, तो आवाज़ भी खो गई,
अब हर साँझ बस तेरी यादों में रो गई।
[कोरस - दोहराया गया]
टूटे तारे की तरह, तू भी चला गया,
एक टूटा हुआ दिल मुझे देके चला गया।
रातें कहती हैं तेरा नाम अब भी,
पर तू चाँद बनके किसी और का हो गया।