कुछ तो बात है श्याम 2
यु दिवाना कोई,यू मस्ताना कोई होता नहीं है कभी ।
यू जयकारे यहां,लावै ललकारे जहां भगत यहां पे सभी।।
1
या तो नैन तेरे सबकी जान लेरे मैं भी घायल हो गया ,
गहरी झील नजर, जाऊं डूब अगर फिर भी मैं कायल हो गया,
श्याम ये तेरा असर, रहे ना कोई कसर ऐसी है तेरी छबी ।
2
खाटू नगरी अपनी सी लगरी अपना लगे श्याम प्यारा ,
दूर ना जाऊं मैं, यहीं रह जाऊं मैं,कहते सब तू ही किनारा ,
प्रेम की उठी अगन,श्याम प्यारे से लगन राकेश धिराणा लगी ।