

Prompt / Lyrics
[Verse 1] दिल तेरे पीछे चल भीड़ में भी बस तू ही कल तेरी हँसी की हल्की सी लहर सारे मेरे डर ले गई बहकर [Chorus] दिल तेरे पीछे चल जहाँ तू जाए वहीं ये पल तेरी बाहों में लगता असली तू मेरी दुनिया मेरी बूसी दिल तेरे पीछे चल तेरी राहों में मेरा हल तेरे संग हर लम्हा सुरेश तू ही मेरी सबसे मीठी पेश [Verse 2] जब भी तू पास हो तो यार मुझसे भी हो जाता प्यार तेरी आँखों में जो गाँव सा सुकून शहरों के शोर पे करे जादू चुन [Chorus] दिल तेरे पीछे चल जहाँ तू जाए वहीं ये पल तेरी बाहों में लगता असली तू मेरी दुनिया मेरी बूसी दिल तेरे पीछे चल तेरी राहों में मेरा हल तेरे संग हर लम्हा सुरेश तू ही मेरी सबसे मीठी पेश [Bridge] तेरी बातों की पाली धुन धीरे-धीरे चढ़ती मेरे लहू में सुन तू गाए तो रुक जाए कल मैं बस सुनता रहूँ दिल तेरे पीछे चल [Chorus] दिल तेरे पीछे चल जहाँ तू जाए वहीं ये पल तेरी बाहों में लगता असली तू मेरी दुनिया मेरी बूसी दिल तेरे पीछे चल तेरी राहों में मेरा हल तेरे संग हर लम्हा सुरेश तू ही मेरी सबसे मीठी पेश
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Warm acoustic-pop ballad with Indian folk flourishes, midtempo groove. Gentle tabla and cajon under a bright acoustic guitar riff, soft synth pads gluing it together. Male vocals, intimate and close in the verses, opening up with doubled hooks in the chorus. Subtle harmonies and hummed motifs lift the title line each time, with a small dynamic swell on the bridge then a final, quiet reprise.
2:39
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3/24/2026