सुण... शेर की दहाड़ अर गुर्जर की धाक,
दूर तै ए पछाणी जाया करै!
यो इतिहास गवाह स,
म्हारी मौज भी खास स, अर म्हारा रोला भी खास स!
रै देख ले दुनिया सारी, म्हारा अलग ए टशन स,
बैरी भी सलाम ठोकै, न्यूए कोन्या जशन स।
दिलां के सां राजा हम, पर दुष्ट खातर काल सां,
गुर्जर के छोरे भाई, हम मूँछों की बाल सां।
(रै गुर्जर के छोरे भाई, हम मूँछों की बाल सां!)
गाड़ी के शीशे काले, ऊपर "गुर्जर" लिखरा स,
रोड प चाले काफिला, जलने आला फुकरा स।
दूध-घी का खाणा म्हारा, शरीर में स जान रै,
यारी प तो वार द्यां, हम अपनी जुबान रै।
कोर्ट-कचहरी जाणती, म्हारा नाम बोलता,
हल्के में ना लिए बेटे, खून म्हारा खौलता!
इतिहास उठा कै देख लिए, म्हारे पुरखे शेर थे,
जिसनै करी गद्दारी, वो पल में कर दिए ढेर थे।
दान-वीर सां करण वरगे, अर रण में सां काल रै,
म्हारी गैल उलझैगा, तो हो ज्यागा बुरा हाल रै।
भाईचारा सबतै ऊपर, बाकी सब बाद में,
गुर्जर कदे ना झुकता, राखिए यो याद में!
रै शौक नवाबी, अर बात खराबी...
गुर्जर तै पंगा, मतलब सीधा तबाही!
राम-राम लाड़लो!