श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम,
प्रेम में डूबा है सारा ब्रजधाम।
मोहन तेरी मोहिनी मुरली की तान,
छेड़ती है मन का हर एक रसगान।
कभी तू नाचे रास में राधा के साथ,
कभी चुराए माखन, कभी छुपाए बात।
यशोदा माँ तुझको बांधे रस्सी से,
पर तेरे मुख में दिखे ब्रह्माण्ड के साथ।
गोपियाँ तेरी राह तकती जाएं,
प्रेम पगे गीतों में खोती जाएं।
हर दिल में तू ही बसे कान्हा प्यारे,
तेरा नाम जपे, प्रेम के सहारे।
नंद के आँगन में बजे बधाइयाँ,
जय कन्हैया लाल की सुनो बधाइयाँ।
मोर मुकुट सिर पे शोभे निराले,
पिताम्बर धारण किए तू मतवाले।
राधा के प्रेम का तू अधिकारी,
भक्तों के दुख दूर करे रखवारी।
हर युग में तू आए अवतारी,
लीला तेरी अति अद्भुत न्यारी।
बंसी की धुन जब तू सुनाए,
मन मंदिर में दीप जल जाए।
श्याम सुंदर, तू मन भाए,
तेरे दर्शन से आत्मा नहाए।
हे वंशीधर, कृपा की बरसात कर,
हमें अपने चरणों में स्थान भर।
मोहन, मुरलीधर, गोपाल प्यारे,
तेरे बिना सूने हैं सब सहारे।