धीरे-धीरे… तेरी खुशबू… हवा में घुली मेरी धड़कन… तेरे कदमों… से जैसे मिली
कैसे बता दूँ… क्या हाल है मेरा तू सामने हो… तो संभाल नहीं पाता मैं तेरे बिना भी… लगता है अधूरा और तेरे संग… खुद को भी पाता मैं
तू ही तू सा लगता है… मेरी साँसों में तेरा नाम ही बस… मेरे लम्हों में जितना भी कह दूँ… कम है वफ़ा तेरी तू मिले तो दुनिया… लगे मेरी
कभी अकेला था… अब लगता नहीं तेरी हँसी में… खो जाने का मन है जो भी था मेरा… अब सब तू ही है तेरी धड़कन में… बस जाने का मन है
अगर पूछे कोई… कौन है तू मेरे लिए कह दूँगा सब कुछ… तू है बस मेरे लिए तेरे बिना जीना… मुश्किल सा लगता है तू मिले तो हर दिन… आसान सा लगता है