ओ माँ… तेरी कोख में बसी है नई जान,
चल पड़ी है तू अब एक नयी पहचान।
रातों की नींदें जाएँ, पर मुस्कान ना टूटे,
तेरी गोदी में आने को… किस्मत के रस्ते छूटे।
(Verse 2)
नौ महीनों का सफर… आसान कभी होता नहीं,
सिर में चक्कर, दिल में डर—पर रुकना भी होता नहीं।
एक-एक दिन, एक-एक पल,
ममता का समंदर भरता है,
दर्द के पीछे छुपा हुआ…
माँ बनने का जादू पनपता है।
(Bridge)
कभी cravings की शरारत, कभी mood swings का तूफ़ान,
पर हाथों को थामे खड़ा हो… तो मजबूत हो जाता इंसान।
खुद को भूलकर, दुनिया सँभालकर,
वो हर कदम चलती है,
प्यार की छाया में… नई ज़िंदगी पलती है।
(Chorus Reprise)
ओ माँ… तेरी धड़कन में धड़कता एक अरमान,
तेरी बाहों में आने को बेचैन है आसमान।
गिरती है, उठती है, फिर हौसले से बढ़ती है—
तू ही है वो रोशनी… जिससे दुनिया चलती है।
(Outro)
जब पहली बार वो रोएगा, तेरी बाहों में सोएगा,
सब दर्द, सब थकान यूँ ही… धुएँ-सा खो जाएगा।
तू है शुरुआत, तू है कहानी…
माँ—तू ही है दुनिया की असली रानी।