(कोरस)
चलो मिलें हम जानवरों से,
उनकी मस्ती, उनके खेलों से।
चहकते, कूदते, गाते हैं,
प्यारे-प्यारे दोस्त कहलाते हैं।
(1)
शेर कहता है "मैं हूं राजा,"
जंगल में मेरी चलती है साजा।
गरज-गरज कर दिखाता ताकत,
लेकिन बच्चों से रखता मोहब्बत।
(कोरस)
चलो मिलें हम जानवरों से,
उनकी मस्ती, उनके खेलों से।
(2)
हाथी बोलें "मैं हूं भारी,"
सूंड़ से कर दूं हर चीज़ जारी।
पानी छिड़कूं, सबको हंसाऊं,
जंगल में सबका मन बहलाऊं।
(3)
तोता बोले "हरी है मेरी चोली,"
मिठू-मिठू मैं खाऊं बोली।
आम-चीकू हैं मेरे पसंद,
पंखों में भरूं इंद्रधनुष रंग।
(कोरस)
चलो मिलें हम जानवरों से,
उनकी मस्ती, उनके खेलों से।
(4)
बंदर मामा उछल-कूद करते,
पेड़-पेड़ पर मस्ती भरते।
केले खाकर सबको लुभाते,
हरदम हंसते और हंसाते।
(5)
मछली कहती "मैं पानी में रहती,"
तैरती, खेलती, चुपचाप बहती।
नीली, लाल, सुनहरी होऊं,
पानी की रानी कहलाऊं।
(कोरस)
चलो मिलें हम जानवरों से,
उनकी मस्ती, उनके खेलों से।
चहकते, कूदते, गाते हैं,
प्यारे-प्यारे दोस्त कहलाते हैं।
(अंत)
जंगल, पानी, आसमान हमारा,
जानवर हैं धरती का सहारा।
सभी से प्यार करो तुम सच्चा,
जानवरों से रिश्ता बनाए रखना।