मुझको पीना है, पीने दो,
मुझको जीना है, जीने दो।
ज़िंदगी के इस सफर में,
थोड़ा चैन तो लेने दो।
तुम अमीर हो, खुशहाल हो,
मैं मुसाफिर एक बेहाल हूँ।
ग़म के प्यालों को भर लेने दो,
मुझको पीना है, पीने दो।
अगर थक गए हो तो रुक जाओ,
ख़ुशी में थोड़ी तन्हाई मिलाओ।
घूंट लगाकर देखो कभी,
सपनों की दुनिया सजाओ।
टूटे जाम की परवाह न करो,
टूटे दिल की सुनो कभी,
तुम्हारी राहें रोशन सही,
पर मेरे रस्ते धुंधले सही।
तुम पियो तो रस है मधुर,
हम पिएँ तो नाम खराब।
पानी जैसा बहता लहू,
फिर भी कहो हमें नाशाद।
किसी की परवाह क्यों करूँ,
किसी से डरूँ मैं क्यूँ भला?
इस दुनिया ने क्या दिया,
मैं उसकी फिक्र करूँ क्यूँ भला?
सब ख्याल, सब हैं फरेब,
अपनी सुबह न कोई शाम।
तुम अमीर हो, खुशहाल हो,
मैं बस एक बेकाम।
मुझको पीने दो, मुझको जीने दो...
ग़म के प्यालों को भर लेने दो...