दिल के आईने में तेरा अक्स अब भी रहता है,
टूटे ख्वाबों का ये मंजर हर पल मुझसे कहता है।
छूट गया वो सपना मेरा,
जो तुझसे मिलकर पूरा हुआ,
तेरी बाहों में जो सुकून था,
अब हर लम्हा अधूरा हुआ।
तेरी बातें, वो रातें,
अब भी दिल में जिंदा हैं,
पर तू कहीं दूर चला गया,
बस यादें बाकी हैं।
तू था तो ये जहां मेरा था,
अब तो बस तन्हाइयों का डेरा है,
बिन तेरे ये दिल वीरान है,
हर खुशी से मेरा बैर है।
(संगीत और धीमे सुर में अलाप...)
क्या तुझे भी मेरी यादें सताती हैं?
या तेरा दिल मुझको भूल चुका?