तू न चाहें कोई बात नहीं
पर मैं तुझे चाहता रहूँगा।
क्या करू मैं आशिक हूँ
गीत बफा के गाता रहूँगा।
तू न चाहें कोई बात नहीं
पर मैं तुझे चाहता रहूँगा।
तुझे पाना तो मुमकिन नहीं हैं
पर तरसता हूँ झलक पाने को।
तुझे देखने की आरज़ू लेकर
तेरी गली में आता रहूँगा।
तू न चाहें कोई बात नहीं
पर मैं तुझे चाहता रहूँगा।
बेवफा कहना तुझे ठीक नहीं
क्योकि बफा मैं भी कर न सका।
अब हर पल याद करके तुझे
प्यार के नग्मे गाता रहूँगा।
तू न चाहें कोई बात नहीं
पर मैं तुझे चाहता रहूँगा।
शायद मेरी ही गलती थी
जो फेर के नजर तू चली गई।
अब तेरे आने की आस मैं
रोज सपने नए सजाता रहूँगा।
तू न चाहें कोई बात नहीं
पर मैं तुझे चाहता रहूँगा।